लो अब तो कर दो सिलेंडर।
क्यों सिलेंडर सिलेंडर करतो हो सरकार तो आप को सिलेंडर कर रही है ।और तुम सरकार को कहा रहे हो की तुम एक सिलेंडर और कर दो ना ।
सरकार और जनता के इस लुका छिपी मै तो आम आदमी का हाल बेहाल है ।
चंद लाइन कहना चाहता हु
चाँद रुपीयो मे बिकता है यहाँ इंसान का ज़मीर
कौन कहता है की मेरे देश मे महंगाई
।



